Saturday, April 18, 2026
HomeReligionराधे राधे राधे गोविंद राधे के नाम कीर्तन से श्रीमद्भागवत कथा का...

राधे राधे राधे गोविंद राधे के नाम कीर्तन से श्रीमद्भागवत कथा का छठे दिवस में आनंदपूर्वक प्रवेश हुआ

चंडीगढ़। कथा की शुरुआत में ही गोस्वामी जी ने सभी भक्तजनों को प्रणाम किया और उन्होंने ने कहा कि असली यजमान कथा में विराजे भगत है, जिनमें सुनने और स्वीकार केरने की समर्थता है । उन्होंने बताया कि संकीर्तन दो तरह के होते है, एक जहां रस बरसाया जाता है और एक वो जहां रस फूटा है। जब कथा संकीर्तन में अपने आप पैर नृत्य के लिए थिरकने लगे वहां रस अंदर से फूटने लगता है जैसे जमीन में से पानी अपने आप रिसने लगता है। जीव अभी उतना परिपक्व नहीं हुआ है कि भगवान के प्रेम का रसा स्वादन कर सके। लेकिन ठाकुर जी करुणा करके श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से उन भक्तों को अपनी लीलाओं का रसा स्वादन करवाते है जो परमात्मा को जानने के लिए उत्सुक है। तेजसविनी फाउंडेशन के फाउंडर हर्ष शर्मा ने कहा कि सभी को इस पावन कथा का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित किया है। बरसाना प्रकट उत्सव श्री राधा रस भागवत कथा का 7वे दिन आज विश्राम होगा ।

गौरी शंकर सेवादल गौशाला, चंडीगढ़ से विनोद शर्मा जी ने कहा कि आज अंतिम दिन है जिसमें समय सुबह 9 बजे से 12 बजे तक रहेगा । कथा का आयोजन गौरी शंकर सेवादल गौशाला, सेक्टर 45 चंडीगढ़, तेजस्विनी फाउंडेशन पंचकूला द्वारा श्रद्धा के साथ किया जा रहा है, जिसमें ट्राइसिटी के कई सामाजिक और धार्मिक संगठन हिस्सा ले रहे हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments