जीवन में तीन चीजें अक्षय है जिनका कभी क्षय नहीं होताआत्मा, कर्म और ठाकुर जी का नाम (श्रीमद्भागवत)


चंडीगढ़ । राधा कृष्ण के भजनों से राधा रस श्रीमद्भागवत कथा का पांचवे दिन में सुंदर प्रवेश हुआ। जीवन के अमूल्य और कभी ना क्षय होने वाली वस्तुओं का व्याख्यान किया।पुण्डरीक गोस्वामी जी ने बताया कि अक्षय तृतीय का दिन ऐसा शुभ मुहूर्त है कि उस समय शुरू किए गए कार्य का क्षय नहीं होता। अक्षय तृतीय के समय ही भगवान ने युग का आरंभ किया था। जिसका कोई अंत नहीं है। उन्होंने बताया कि तीन ऐसी चीजें है जिनका कभी अंत यानि क्षय नही होता। जो हमेशा के लिए अक्षय है, आत्मा जो ना कभी जन्म लेती है और ना ही मारती है, कर्म जिसका कभी अंत नहीं होता और तीसरा स्वयं परमात्मा ठाकुर जी जो हर कण में है। गोस्वामी जी के बताया कि परमात्म अजन्मा है लेकिन उसका जन्म हमें शांति प्रदान करता है, भगवान के जितने भी उत्सव मनाएं जाते है वो हमें उन तक पहुंचने के लिए एक सीढ़ी का काम करते है ताकि हर उत्सव हर व्रत में विश्वास करते हुए एक भक्त अपने अंदर की शुद्धता को बढ़ाएं और उस सीढ़ी के माध्यम से अपने असली तत्व में लीन हो सकें।गोस्वामी जी के कहा बताया कि जब किसी ने उनसे पूछा कि आपको सबसे प्रिय क्या है तो उन्होंने उतर दिया कि एक अच्छा श्रोता उनको अति प्रिय है जीवन के हज़ारों झंझट दूर हो जाते है जब सुनने का प्रभाव बढ़ाते है और बिना धैर्य के कुछ भी श्रवण नहीं किया जाता सकता। अगर सुनने की का अभ्यास हो रहा है तो स्वीकार करने की शक्ति बढ़ रही है रेणुका माता की बड़ी बहन तेजस्विनी ने कथा के बाद राधा नाम संकीर्तन कर पंडाल के हर श्रोता को राधा नाम रस में डूबने और झूमने पर मजबूर कर दिया। तेजस्विनी फाउंडेशन के फाउंडर हर्ष शर्मा ने कहा कि बरसाना प्रकट उत्सव श्री राधा रस भागवत कथा 12 अप्रैल से 18 अप्रैल तक चलेगी सभी से भागवत कथा में पहुंचने की अपील की I गौरी शंकर सेवादल गौशाला, चंडीगढ़ से विनोद शर्मा जी ने कहा की रोज़ शाम 4:00 बजे से रात 8:00 बजे तक होगा। सभी भक्तों के लिए एंट्री फ्री होगी। सातों दिन फ्री लंगर सेवा भी की गई है I कथा का आयोजन गौरी शंकर सेवादल गौशाला, सेक्टर 45 चंडीगढ़, तेजस्विनी फाउंडेशन पंचकूला द्वारा श्रद्धा के साथ किया जा रहा है, जिसमें ट्राइसिटी के कई सामाजिक और धार्मिक संगठन हिस्सा ले रहे हैं।

