चंडीगढ़ । पंजाब और चंडीगढ़ चैप्टर का बिहार फाउंडेशन, बिहार सरकार के अधीन 22 मार्च को चंडीगढ़ के मनीमाजरा स्थित कलाग्राम में बिहार दिवस का आयोजन करेगा। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के दस प्रतिष्ठित बिहारी व्यक्तियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। बिहार फाउंडेशन के चैप्टर अध्यक्ष डॉ. रुपेश सिंह ने कलाग्राम में तैयारियों की समीक्षा करते हुए बताया कि बिहार 22 मार्च 1912 को ब्रिटिश शासन के दौरान एक अलग राज्य बना था और इस ऐतिहासिक दिन को हर वर्ष बिहार दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह आयोजन शनिवार दोपहर 12 बजे से 2:30 बजे तक चलेगा जिसमें हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के अध्यक्ष हिम्मत सिंह और चंडीगढ़ नगर निगम के आयुक्त अमित कुमार, आईएएस मुख्य अतिथि होंगे। चैप्टर सचिव बिनय शंकर झा के अनुसार, इस कार्यक्रम में बिहार के लोकगीतों सहित कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। आमंत्रित अतिथियों को पारंपरिक बिहारी व्यंजन लिट्टी चोखा और विभिन्न मिठाइयां परोसी जाएँगी। इसके अलावा, भागलपुरी सिल्क और मधुबनी पेंटिंग्स जैसी हस्तकला को प्रदर्शित करने के लिए 12 स्टॉल लगाए जाएँगे।
वाइस चेयरमैन नीरज सिंह ने बिहार की पर्यावरणीय प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए बताया कि विज़िटर्स को पौधे उपहार स्वरूप दिए जाएंगे। साथ ही, हरियाली को बढ़ावा देने के लिए जय श्री कृष्ण जय मधुसूदन ट्रस्ट के प्रभु नाथ शाही द्वारा संचालित ट्री एंबुलेंस भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेगी। चैप्टर के कोषाध्यक्ष पल्लव कुमार ने कहा कि निवेश, पर्यटन, कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए बिहार की पुस्तकों और साहित्य को भी दर्शकों के बीच वितरित किया जाएगा। गौरतलब है कि बिहार फाउंडेशन बिहार सरकार की एक पहल है जिसका मक़सद राज्य के बाहर दुनिया भर में रह रहे बिहारी समाज के लोगों और उनके गृह राज्य के बीच जुड़ाव को और मजबूत किया जा सके और उनके बीच एक सेतु स्थापित हो।