
चंडीगढ़ । चंडीगढ़ में सात दिन की पुंडरीक गोस्वामी की श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन भी पंडाल राधा रमण रस में डूबा हुआ दिखा। महामंत्र से पूरा पंडाल झूम उठा। पुण्डरीक गोस्वामी ने कहा कि ये पंडाल बरसाना है जितना राधा नाम लुट सकते हो लुट लो। उन्होंने कहा कि किसी वैष्णव को संकीर्तन में नृत्य करते सिर्फ देखने से ही कृष्ण प्रेम मिलता है, और स्वयं नृत्य करने से तो बात ही निराली है गोस्वामी जी ने कहा कि जैसे सांसारिक वस्तुओं पर सब निशान लगा देते है कि ये वस्तु हमारी है, ठीक वैसे ही श्रीमद्भागवत भी निशान लगा देती है कि ये भगत ठाकुर जी का है और राधारमण जी निशान लगा देते है कि ये मेरा है। उन्होंने कहा कि अगर भोजन है और पात्र नहीं है तो भोजन पाना भी मुश्किल होगा। ठीक वैसे ही अगर जिज्ञासा है और श्रद्धा नहीं है तो ज्ञान प्राप्त नहीं होगा।

ज्ञान पाने के लिए जिज्ञासा और श्रद्धा दोनों चाहिए । तेजस्विनी फाउंडेशन के फाउंडर हर्ष शर्मा ने कहा कि सभी को इस पावन कथा का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित किया है। श्रीमद् भागवत कथा के साथ शुरू हुआ, बरसाना प्रकट उत्सव श्री राधा रस भागवत कथा 12 अप्रैल से 18 अप्रैल तक चलेगी चंडीगढ़ में बरसाना प्रकट उत्सव के तीसरे दिन महामंत्र से गूंजा पूरा पंडाल , बिना पात्र के भोजन नहीं पाया जा सकता और बिना जिज्ञासा और श्रद्धा के ज्ञान नहीं पाया जा सकता। निमाई पाठशाला के बच्चो ने आज नाटक की प्रस्तुति भी दी । गौरी शंकर सेवादल गौशाला, चंडीगढ़ से विनोद शर्मा जी ने कहा कि सात दिन का यह आध्यात्मिक कार्यक्रम 18 अप्रैल तक चलेगा और रोज़ शाम 4:00 बजे से रात 8:00 बजे तक होगा। सभी भक्तों के लिए एंट्री फ्री होगी। सातों दिन फ्री लंगर सेवा भी की गई है । कथा का आयोजन गौरी शंकर सेवादल गौशाला, सेक्टर 45 चंडीगढ़, तेजस्विनी फाउंडेशन पंचकूला द्वारा श्रद्धा के साथ किया जा रहा है, जिसमें ट्राइसिटी के कई सामाजिक और धार्मिक संगठन हिस्सा ले रहे हैं।

