रोपड़ । आईआईटी रोपड़ में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा स्थापित कृषि के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस Annam.ai ने आज भारत में एआई-आधारित, डेटा-चालित खेती को तेजी से अपनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण पहलों की घोषणा की। भारत के लिए एक स्केलेबल वेदर इंटेलिजेंस नेटवर्क स्थापित करते हुए, ANNAM.AI ने 100 उन्नत मौसम स्टेशनों की तैनाती शुरू की है, जिसकी शुरुआत पंजाब को पहले कार्यान्वयन केंद्र के रूप में की गई है। बिना किसी लागत के उपलब्ध कराए गए ये एआई-आधारित मौसम स्टेशन किसानों को हाइपरलोकल, रियल-टाइम मौसम डेटा प्रदान करेंगे, जिससे बुवाई, सिंचाई और फसल सुरक्षा से जुड़े सटीक निर्णय लिए जा सकेंगे। देशभर में विस्तार के लिए एक मॉडल के रूप में डिजाइन की गई यह पहल जलवायु से जुड़े जोखिमों को कम करने और कृषि उत्पादकता बढ़ाने का लक्ष्य रखती है। भारतीय कृषि के लिए एक डिजिटल पब्लिक गुड के रूप में विकसित किए जा रहे ANNAM.AI द्वारा स्केलेबल कृषि एआई इंटेलिजेंस तकनीकों का निर्माण किया जा रहा है, ताकि डेटा-आधारित खेती को पूरे देश में सुलभ बनाया जा सके। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समर्थित इस पहल को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है, जिसमें प्रारंभिक तैनाती हरियाणा, उत्तर प्रदेश, केरल, ओडिशा, बिहार, जम्मू एवं कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में विस्तार की नींव रखेगी। इस तकनीक के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए, Annam.AI 10,000 छात्रों, ग्रामीण युवाओं और कृषि-विशेषज्ञों के लिए पूर्ण रूप से वित्तपोषित एआई प्रशिक्षण भी शुरू करेगा। यह स्किलिंग प्रोग्राम जमीनी स्तर पर क्षमताओं का निर्माण करने और कृषि में बड़े पैमाने पर एआई के उपयोग के लिए प्रशिक्षित लोगों की मजबूत पाइपलाइन तैयार करने के लिए डिजाइन किया गया है। आईआईटी रोपड़ में आयोजित स्मार्ट एग्री समिट 2026 में, माननीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री गुरमीत सिंह खुडियन ने कहा, “खेती का भविष्य नवाचार और तकनीक को अपनाने में है, और एआई किसानों को सशक्त बनाने के लिए यहां है। बढ़ते जलवायु जोखिमों के साथ, अब यह आवश्यक हो गया है कि भूमि के ज्ञान को डेटा की शक्ति के साथ जोड़ा जाए। मैं आईआईटी रोपड़ के ANNAM.AI को किसानों के लाभ के लिए इस तरह की अत्याधुनिक तकनीकों को वास्तविक दुनिया में लागू करने के लिए बधाई देता हूं। ANNAM.AI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. पुष्पेंद्र सिंह ने कहा, “ANNAM.AI में हमारा ध्यान शोध, तकनीक और जमीनी कार्यान्वयन को एक साथ लाकर किसानों के सामने आने वाली वास्तविक चुनौतियों को हल करने पर है। रियल-टाइम डेटा को वैज्ञानिक अंतर्दृष्टि के साथ जोड़कर, हमारा उद्देश्य खेती को अधिक उत्पादक, टिकाऊ और जलवायु-लचीला बनाना है। इन पहलों के माध्यम से, हम भारत में एक अधिक तकनीक-आधारित और सुदृढ़ कृषि पारिस्थितिकी तंत्र को सक्षम बना रहे हैं।

