
चंडीगढ़ । मिसल शहीदा तरन दल के चेयरमैन सरदार भगत सिंह दोआबी ने चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंजाब बचाओ मोर्चा और इसके अध्यक्ष तेजस्वी मिन्हास को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मोर्चा पंजाब में हो रहे अवैध धार्मिक कन्वर्ज़न के गंभीर मुद्दे को उठाकर समाज और प्रशासन को वास्तविकता से अवगत करा रहा है। दोआबी ने बताया कि तथाकथित ‘पादरी’ जादू, चमत्कार, धोखे और लालच के सहारे मासूम लोगों को भ्रमित कर रहे हैं, जबकि मोर्चा के बयान और प्रेस कॉन्फ्रेंस पंजाब की ज़मीनी हक़ीक़तों पर आधारित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बजिंदर सिंह जैसे लोग दुष्कर्म के दोषी हैं और उन्हें ‘पादरी’ कहना स्वयं इस शब्द का अपमान है। उन्होंने यह भी कहा कि अंकुर नरूला ने बाइबल पर केक काटकर उसकी बेअदबी की थी और वह भी जल्द क़ानून के दायरे में आएगा। दोआबी ने दावा किया कि ये सभी ‘फर्जी पास्टर’ बिना किसी प्रमाण, प्रशिक्षण या नियमन के काम कर रहे हैं और धार्मिक ढाँचे को अपने व्यावसायिक हितों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईसाई धर्म कभी भी ‘तत्काल चमत्कारी इलाज’ का समर्थन नहीं करता, जबकि ये डेरे बीमार और सीधे-सादे लोगों से भारी धनराशि ऐंठने के लिए ऐसे झूठे दावे कर रहे हैं।

उन्होंने पंजाब बचाओ मोर्चा द्वारा उठाई गई मुख्य मांगों को भी दोहराया जिनमें पंजाब में एंटी-कन्वर्ज़न बिल, धार्मिक जनगणना, धर्म परिवर्तन करने वालों के लिए आरक्षण बंद, धर्म परिवर्तन के बाद ‘सिंह, ‘कौर’, सिख स्वरूप और प्रतीकों के उपयोग पर रोक, चमत्कारी इलाज के प्रचार पर पाबंदी, अब तक हुए ‘मेडिकल चमत्कारों’ की जांच, विदेशी एजेंसियों की भूमिका पर रॉ/सीबीआई जांच, पंजाब में ईसाइयों को अल्पसंख्यक सूची से हटाना, और ऐसे डेरों को बढ़ावा देने वाले नेताओं का सार्वजनिक बहिष्कार शामिल हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में भगत सिंह दोआबी ने कहा कि पंजाब बचाओ मोर्चा की मुहिम न केवल समय की मांग है बल्कि समाज को अंधविश्वास, पाखंड और धोखाधड़ी से मुक्त कराने की दिशा में निर्णायक कदम भी है।

