
चंडीगढ़ । रफ़ी मेमोरियल कल्चरल सोसायटी एवं जीबी रियल्टी के संयुक्त तत्वावधान में महान गायक मोहम्मद रफ़ी को समर्पित भव्य संगीतमय कार्यक्रम “रफ़ी नाइट” का आयोजन 14 फरवरी को सायं 5 बजे टैगोर थिएटर, सेक्टर-18, चंडीगढ़ में किया जाएगा। इस विशेष संध्या में मोहम्मद रफी के सदाबहार गीतों की भावपूर्ण प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
चंडीगढ़ प्रेस क्लब, सेक्टर-27 में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए रफी मेमोरियल कल्चरल सोसायटी के अध्यक्ष जीएस ग्रेवाल ने कहा कि मोहम्मद रफ़ी केवल एक गायक नहीं, बल्कि भारतीय संगीत की आत्मा हैं। ‘रफ़ी नाइट’ के माध्यम से हम उनकी अमर विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संगीतमय संध्या में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त गायक डॉ. सौरव किशन (छोटा रफ़ी) तथा मुंबई की प्रसिद्ध गायिका संपदा गोस्वामी रफ़ी साहब के लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जीबी रियल्टी इस कार्यक्रम का प्रमुख प्रायोजक है। जीबी रियल्टी के वाइस प्रेसिडेंट जतिंदर बाजवा ने कहा कि जीबी रियल्टी केवल रियल एस्टेट तक सीमित नहीं है, बल्कि कला और संस्कृति को बढ़ावा देना हमारी कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी का अहम हिस्सा है। ‘रफ़ी नाइट’ जैसे आयोजन समाज को सकारात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक समृद्धि प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में जीबी रियल्टी के चेयरमैन गुरिंदर भट्टी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
सोसायटी के महासचिव बाल मुकंद शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पंजाब सरकार के वित्त, आबकारी, कराधान एवं योजना मंत्री हरपाल सिंह चीमा होंगे। उन्होंने बताया कि रफ़ी मेमोरियल कल्चरल सोसायटी का गठन वर्ष 2019 में किया गया था और अब तक पटियाला व चंडीगढ़ में छह सफल रफ़ी कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।
इस अवसर पर सोसायटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. एसके बातिश ने कहा कि रफ़ी साहब की गायकी में भाव, सुर और आत्मा का अद्भुत संगम है। हमारा उद्देश्य उनकी संगीत विरासत को जीवंत रखना है।
कार्यक्रम के स्टार परफॉर्मर डॉ. सौरव किशन (छोटा रफ़ी) ने मीडिया से बातचीत में कहा कि एमबीबीएस डॉक्टर होने के बावजूद रफ़ी साहब के गीत मेरे जीवन की साधना हैं। ‘रफ़ी नाइट’ में गाना मेरे लिए सम्मान और भावनात्मक अनुभव है।
महासचिव बाल मुकंद शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम में प्रवेश निःशुल्क रहेगा और दर्शकों के लिए ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर सीट व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने संगीत प्रेमियों से अपील की कि वे समय से पहले पहुंचकर इस लगभग तीन घंटे चलने वाली यादगार संगीतमय संध्या का आनंद लें।


