उद्योग मंत्री, हरियाणा राव नरबीर सिंह ने एसोचैम हरियाणा मैन्युफैक्चरिंग कॉन्क्लेव 2026 का उद्घाटन किया
चंडीगढ़ । भारत की सबसे पुरानी शीर्ष उद्योग संस्था, द एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम ) द्वारा एसोचैम हरियाणा मैन्युफैक्चरिंग कॉन्क्लेव 2026 का सफल आयोजन चंडीगढ़ के माउंटव्यू होटल में किया गया। इस कॉन्क्लेव का उद्घाटन हरियाणा सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के अग्रणी नेताओं, एमएसएमई, वित्तीय संस्थानों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों ने भाग लिया और हरियाणा के मैन्युफैक्चरिंग तंत्र को सशक्त बनाने तथा औद्योगिक विकास को गति देने पर विचार-विमर्श किया।इस मौके पर यश गर्ग, आईएएस, डायरेक्टर जनरल, एमएसएमई एवं उद्योग, हरियाणा सरकार; मनीष सिंघल, सेक्रेटरी जनरल, एसोचैम ; अभि बंसल, चेयरमैन, एसोचैम स्टेट डेवलपमेंट काउंसिल; और राकेश भल्ला, चेयरमैन, एसोचैम चंडीगढ़ यूटी डेवलपमेंट काउंसिल भी उपस्थित रहे ।सभा को संबोधित करते हुए राव नरबीर सिंह ने कॉन्क्लेव के आयोजन के लिए एसोचैम का आभार व्यक्त किया और कहा कि हरियाणा को नवाचार, उन्नत प्रौद्योगिकी और प्रतिस्पर्धात्मकता के बल पर एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योग जगत के हितधारकों के साथ निरंतर संवाद कर रही है और उद्योग-अनुकूल नीतियां, प्रोत्साहन एवं बजटीय प्रावधान तैयार करते समय उनके सुझावों को शामिल किया जा रहा है। हरियाणा की औद्योगिक सफलता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गुरुग्राम और मानेसर मजबूत औद्योगिक बेल्ट के रूप में उभरे हैं तथा इसी तर्ज पर राज्य भर में सुव्यवस्थित और सतत औद्योगिक विकास के लिए मास्टर-प्लान्ड औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। उन्होंने दोहराया कि हरियाणा भारत के सर्वाधिक औद्योगीकृत राज्यों में से एक है और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है, साथ ही उद्योग जगत से मैन्युफैक्चरिंग तंत्र को और सुदृढ़ करने के लिए सुझाव आमंत्रित किए। यश गर्ग, आईएएस, डायरेक्टर जनरल, एमएसएमई एवं उद्योग, हरियाणा सरकार ने एमएसएमई विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार, निवेशक-अनुकूल नीतियों और सतत विनिर्माण प्रथाओं को बढ़ावा देने हेतु राज्य की केंद्रित पहलों पर प्रकाश डाला। उन्होंने व्यापार करने में सुगमता, नीति स्थिरता और सक्रिय सहयोग के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया, जिसका उद्देश्य घरेलू और वैश्विक निवेश आकर्षित करना है। मनीष सिंघल, सेक्रेटरी जनरल, एसोचैम ने भारत की सबसे पुरानी शीर्ष उद्योग संस्था के रूप में उद्योग–सरकार सहयोग को सुदृढ़ करने में एसोचैम की भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं के विकास का इंजन है और कुशल प्रतिभा, मजबूत औद्योगिक आधार तथा प्रगतिशील नीति ढांचे के साथ हरियाणा में एक वैश्विक विनिर्माण नेता बनने की क्षमता है। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत पहल, अनुसंधान एवं विकास केंद्रों, कौशल विकास तथा गुरुग्राम–मानेसर बेल्ट जैसे सफल औद्योगिक मॉडलों को पूरे राज्य में दोहराने के महत्व पर जोर दिया। साथ ही, दीर्घकालिक निवेश आकर्षित करने के लिए सामाजिक अवसंरचना, जीवन की सुगमता और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता भी रेखांकित की।कॉन्क्लेव की पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए अभि बंसल, चेयरमैन, एसोचैम स्टेट डेवलपमेंट काउंसिल एवं डायरेक्टर, सरस्वती ग्रुप ऑफ कंपनीज़ ने भारत के मैन्युफैक्चरिंग परिदृश्य में हरियाणा के रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने क्षेत्र-विशेष दृष्टिकोण, सेक्टोरल समितियों के गठन, नवाचार-प्रेरित सोच और मजबूत नीति समर्थन की आवश्यकता पर जोर दिया तथा औद्योगिक विकास को गति देने में हरियाणा सरकार की सक्रिय भूमिका की सराहना की।कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए संजीव चावला, एडिशनल डेवलपमेंट कमिश्नर, एमएसएमई डीएफओ करनाल, एमएसएमई मंत्रालय, भारत सरकार ने एमएसएमई को सशक्त बनाने हेतु केंद्र सरकार की प्रमुख पहलों की जानकारी दी। उन्होंने व्यापार करने में सुगमता, वित्त तक बेहतर पहुंच, प्रौद्योगिकी उन्नयन, क्रेडिट सहायता योजनाओं और कौशल विकास पर केंद्रित उपायों पर प्रकाश डाला तथा प्रतिस्पर्धात्मकता और विकास बढ़ाने के लिए एमएसएमई को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जोड़ने के महत्व को रेखांकित किया।समापन वक्तव्य में राकेश भल्ला, चेयरमैन, एसोचैम चंडीगढ़ यूटी डेवलपमेंट काउंसिल एवं एडवाइजर टू एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं सीईओ, एसएमएल महिंद्रा लिमिटेड ने प्रमुख चर्चाओं का सार प्रस्तुत किया और नीति उद्देश्यों को ठोस क्रियान्वयन में बदलने तथा उद्योग और सरकार के बीच निरंतर संवाद सुनिश्चित करने के प्रति एसोचैम की प्रतिबद्धता दोहराई।संक्षिप्त विचार साझा करते हुए दीपा बाजपेयी, जनरल मैनेजर, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने उन्नत विनिर्माण और स्वदेशीकरण में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की भूमिका पर प्रकाश डाला, जबकि मानव गुप्ता,डायरेक्टर, स्टाइलम इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड ने नवाचार, गुणवत्तापूर्ण विनिर्माण और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता पर जोर दिया। कंवर लाल, डिप्टी जनरल मैनेजर, पंजाब एंड सिंध बैंक ने अनुकूलित वित्तीय समाधानों के माध्यम से विनिर्माण और एमएसएमई को समर्थन देने में बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका को रेखांकित किया।कॉन्क्लेव का समापन सरकार, उद्योग और वित्तीय संस्थानों के बीच सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ हुआ, ताकि मिलकर हरियाणा के विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ किया जा सके और राज्य को एक वैश्विक विनिर्माण गंतव्य के रूप में स्थापित किया जा सके।

