Friday, October 18, 2024
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हरियाणा कृषि में नई क्रांति का ऐलानसरकार की सभी कृषि सेवाएं किसान को गांव स्तर पर ही मिलेंगी : चौधरी कंवर पाल

चंडीगढ़ । कृषि मंत्री कंवर पाल ने रविवार को यमुनानगर के प्रताप नगर में खंड कृषि कार्यालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित किसानों की समस्याएं जानी। इस मौके किसानों ने कृषि मंत्री को बताया कि उन्हें हर सीजन में खाद की किल्लत का सामना करना पड़ता है और कई बार कीटनाशक दवाओं में मिलावट व खाद तथा बीज के नकली होने का अंदेशा भी होता है। किसानों ने कहा कि दुकानदारों द्वारा किसानों को अक्सर खाद के साथ जबरन अन्य अवांछित सामग्री ख़रीदने के लिए मजबूर किया जाता है। इन सब समस्याओं को लेकर किसान जब खण्ड कृषि कार्यालय में आते है, तो उपस्थित अधिकारी इसे अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर का विषय बताते हुए उपमंडल या जिला स्तरीय अधिकारी के कार्यालय में जाने को कहते है। इसके लिए किसान को 30-40 किलोमीटर दूर यमुनानगर जाना पड़ता है। किसानों ने खेती की दिन प्रतिदिन बढ़ती लागत व घटती जोत की समस्या से उभरने के लिए नवीनतम तकनीक अपनाने की जरूरत पर भी बात की।
किसानों की बात सुनने के बाद कृषि मंत्री ने कहा कि इस तरह की शिकायतें व कुछ उच्च अधिकारियों की मिलीभगत के मामले भी उनके संज्ञान में आए है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार भ्रष्टाचार के प्रति हमेशा जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती रही है। इसी के चलते पिछले कुछ दिनों में प्रदेश भर में ऐसे मामलों की जांच व कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इस समस्या का हल करने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा कुछ ठोस कदम उठाए जा रहे है। इसके बाद कृषि मंत्री ने हरियाणा प्रदेश के कृषि व बागवानी आधिकारी संगठन के कार्यक्रम में शिरकत की व विभागों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए कुछ बड़ी घोषणाओं को जल्द से जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया । हरियाणा कृषि काउंसिल का गठन हरियाणा मेडिकल काउंसिल की तर्ज़ पर किया जाएगा, ताकि कृषि शिक्षा और कृषि संबंधित कार्यों को नियंत्रित रूप से चलाया जा सके। यह हरियाणा में बढ़ते कीटनाशी के चलन पर लगाम लगाने में कारगर साबित होगा और किसानों को कृषि की बढ़ती लागत से राहत दिलाएगा। अंतर्राष्ट्रीय स्तर की हाई टैक प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी, जिनमें मिट्टी, पानी, कीटनाशी दवाओं, खाद, व आर्गेनिक उत्पाद में कैमिकल अवशेष आदि की जांच की जाएगी। बाग़वानी विभाग की तर्ज़ पर कृषि विभाग में भी विश्व स्तरीय तकनीकी एक्सलेंस सेंटर खोले जाएंगे, जिनमे गन्ना, कपास, ऑयल सीड, मक्का, मिलेट्स, धान व कृषि अभियान्त्रिकी शामिल होंगे। ⁠हाई टैक एडीओ/एचडीओ ऑफिस बनाए जाएंगे, जिनको प्लांट क्लिनिक कहा जाएगा। इनमें किसानों को उन्नत जानकारी व सुविधाएं उनके गांव या आस पास मुहैया करवाई जाएंगी। अब सरकार खुद हर किसान तक पहुंचेगी। किसान को कृषि सुविधाओं के लिए इधर उधर भागना नहीं पड़ेगा I
एडीओ की 438 रिक्त पोस्ट जल्द ही भरी जाएंगी एक व्यवस्था भी बनाई जाएगी, जिसमें अगर किसान को लगता है कि उसके द्वारा खरीदा गया कीटनाशी नकली है या सही नहीं है, तो वो उसका टेस्ट करा सकेगा I
⁠किसान को खाद के साथ दूसरा समान जबरन दिए जाने, खाद समय पर ना मिलने व जमाखोरी होने, नकली बीज आदि समस्याओं के निवारण के लिए खंड स्तर पर एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा। जिस पर किसान अपनी समस्या बता सकेंगे और उसकी समस्या के समाधान के लिए खंड कृषि अधिकारियों की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाएगी I
कृषि विकास अधिकारी और खंड कृषि अधिकारी अपने अधीन क्षेत्र के खाद, बीज दवाओं के स्टॉक की वेरिफिकेशन करेंगे, ताकि सीजन के समय किसान को आसानी से खाद बीज मिल सके। डॉ सुरेंद्र दलाल के नाम से एक अवार्ड कृषि अधिकारियों के लिए बनाया जाएगा जो भी कृषि और बाग़वानी अधिकारी की कृषि क्षेत्र में अच्छा काम करेगा उसको सम्मानित किया जाएगा वो भी हर वर्ष I इस कार्यक्रम में मौजूद प्रदेश भर के कृषि व बागवानी अधिकारियों ने कृषि मंत्री की घोषणाओं का स्वागत किया तथा कृषि अधिकारी संगठन के प्रधान डॉ सुशील गोयत, महासचिव डॉ मुकेश भानखड़ तथा बागवानी अधिकारी संगठन के प्रधान डॉ मनोज कुमार, डॉ संगीत सिंह ने सभी अधिकारियों की तरफ से कृषि मंत्री को आश्वासन दिया कि वह प्रदेश में किसान की तरक्की, कृषि पर्यावरण संरक्षण व उच्च क्वॉलिटी उत्पादन के लिए पूर्णतया समर्पित रहेंगे। अंत में कृषि विकास अधिकारी डॉ सुनील ग्रेवाल ने कृषि मंत्री, उपस्थित किसानों व विभागीय अधिकारियों का धन्यवाद किया।

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