Tuesday, January 20, 2026
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शिवालिक की गोद में आयुर्वेद और आधुनिक नवाचार का समावेश


राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान पंचकूला आयुर्वेदिक ज्ञान और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान को दे रहा नई गति


ओपीडी में प्रतिदिन 500 से ज्यादा रोगी आयुर्वेद उपचार और पंचकर्म सेवाओं से हो रहे लाभान्वित


चंडीगढ़ । शिवालिक की गोद में स्थापित हो रहा राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए) पंचकूला आयुर्वेदिक चिकित्सा को नई पहचान दिलाने के साथ आधुनिक नवाचार को गति दे रहा है। संस्थान की ओपीडी में हर रोज 500 से ज्यादा रोगी आयुर्वेद उपचार और पंचकर्म सेवाओं से लाभाविंत हो रहे हैं। यही नहीं, संस्थान के अस्पताल में कुल 12 बहिरंग इकाई और 100 शय्या वाली अंतरंग इकाई हैं। इसके साथ, एनआईए में बीएएमएस पाठ्यक्रम विदेशी छात्र भी आयुर्वेद की पद्धतियां सीख रहे हैं।
राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर (मानद विश्वविद्यालय) के तत्वाधान में आयुष मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत माता मनसा देवी परिसर में स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान पंचकूला की परिकल्पना आयुर्वेद शिक्षण, प्रशिक्षण अनुसंधान, आधुनिक चिकित्सा ज्ञान और समग्र स्वास्थ्य प्रणाली केंद्र के रूप में की गई है। कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा के मार्गदर्शन में उत्तर भारत का समग्र स्वास्थ्य सेवाओं एवं आधुनिक शैक्षणिक चिकित्सा का अनूठा केंद्र तैयार हो रहा है। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान पंचकूला का शिक्षण संस्थान में बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसन एंव सर्जरी) पाठ्यक्रम के तहत देश-विदेश के विद्यार्थियों को आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के समन्वय के साथ उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान कर रहा है। आधुनिक आधारभूत सरंचना, अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित आयुर्वेद संस्थान में विद्यार्थी उत्कृष्ट शिक्षा एवं व्यवहारिक अनुभव प्राप्त कर रहे है। संस्थान में अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी भी आयुर्वेद की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

हर रोज पंचकर्म, ईसीजी और निशुल्क ब्लड शुगर की जांच
राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान पंचकूला द्वारा “सर्वे भवन्तु सुखिनः” की भावना को साकार करते हुए 16 अक्टूबर 2023 से स्वास्थ्य सेवाओं में बहिरंग इकाई, पंचकर्म, ईसीजी और निशुल्क ब्लड शुगर की हर रोज जांच की जा रही है। वर्तमान में संस्थान के अस्पताल में कुल 12 बहिरंग इकाई, 100 शय्या वाली अंतरंग इकाई हैं। चिकित्सालय में रोगियों को निशुल्क उच्च गुणवत्ता युक्त औषधियों का वितरण किया जा रहा है। चिकित्सालय में काय-चिकित्सा, शालाक्य तंत्र (नेत्र), शालाक्य तंत्र (ईएनटी), प्रसूति तंत्र और स्त्री रोग, शल्य तंत्र, पंचकर्म, कौमारभृत्य, इमरजेंसी, स्वास्थ्य रक्षक, विष चिकित्सा, त्वक और सौंदर्य प्रसाधन अन्य ओपीडी के साथ साथ पंचकर्म थैरपी, फिजियोथेरेपी, शल्य ओटी, योगा, ईसीजी, लैब टेस्ट, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे की भी सुविधा मुहैया करवाई जा रही है। चिकित्सालय की बहिरंग इकाई में औसत रूप से 500 रोगी दिन प्रतिदिन उच्च गुणवत्ता वाले परामर्श, चिकित्सा, पंचकर्म सेवाएं इत्यादि से लाभान्वित हो रहे हैं।
आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित है पंचकर्म कक्ष
राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से भी सुसज्जित है। पंचकर्म कक्ष मे वमन, विरेचन, बस्ती, शिरोधारा, अभ्यंग आदि उपचार की सेवा उपलब्ध है। चिकित्सालय में भर्ती रोगियों के लिए प्रतिदिन निःशुल्क पंचकर्म थैरपी, फिजियोथेरेपी, ईसीजी, लैब टेस्ट, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, योग इत्यादि सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है। अहम पहलू यह है कि बड़ी संख्या में हर रोज बड़ी संख्या में रोगी चिकित्सालय में उपचार एवं सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं।

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