चंडीगढ़ । भाजपा चंडीगढ़ की बौद्धिक प्रकोष्ठ की राज्य संयोजक डॉ. मोनिका बी. सूद ने जॉयलैंड मॉन्टेसरी स्कूल, सेक्टर-38 के वार्षिक समारोह ‘ये गुलिस्तान हमारा’ में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। यह कार्यक्रम रानी लक्ष्मीबाई महिला भवन, सेक्टर-38, चंडीगढ़ के सभागार में आयोजित किया गया। नन्हे-नन्हे बच्चों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता का सुंदर चित्रण किया। डॉ. मोनिका बी. सूद ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और इसके बाद विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, अभिभावकों तथा बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित किया। अभिभावकों को संबोधित करते हुए डॉ. मोनिका बी. सूद ने कहा कि बच्चे कही गई बातों से नहीं, बल्कि माता-पिता के व्यवहार और दैनिक आदतों से सीखते हैं। उन्होंने कहा, “माता-पिता बच्चों के पहले और सबसे प्रभावशाली रोल मॉडल होते हैं, इसलिए उन्हें स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। बच्चे अपने माता-पिता का अनुसरण करते हैं, अतः यदि अभिभावक अपने दैनिक जीवन में नैतिक आचरण अपनाते हैं तो बच्चे भी वही सीखेंगे। अच्छे कर्म बच्चों को संतुलित व्यक्तित्व और जिम्मेदार नागरिक बनने में मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन और टेलीविजन बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास में बाधा बनते जा रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को समय दें और उनसे संवाद स्थापित करें।
डॉ. मोनिका ने आगे कहा कि भारत तेज़ी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है। देश में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा, आधुनिक शोध सुविधाएं और वैश्विक स्तर के अवसर उपलब्ध हैं। इसलिए बच्चों को भारत में ही शिक्षा ग्रहण करने और अपनी प्रतिभा को राष्ट्र के विकास से जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। इससे देश की बौद्धिक पूंजी मजबूत होगी और आर्थिक संसाधन देश के भीतर ही बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि भारत में युवाओं द्वारा संचालित नवाचार, शोध और उद्यमिता आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र के लक्ष्य को प्राप्त करने की कुंजी हैं। डॉ. मोनिका बी. सूद ने कार्यक्रम के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जॉयलैंड मॉन्टेसरी स्कूल की सराहना की। उन्होंने देश की एकता का श्रेय सरदार वल्लभभाई पटेल को देते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ संकल्प ने सैकड़ों रियासतों को एक सूत्र में पिरोया। सरदार पटेल द्वारा रखी गई राष्ट्रीय एकता की मजबूत नींव ने भारत को सांस्कृतिक विविधता से समृद्ध, एकीकृत और सशक्त राष्ट्र बनाया है। डॉ. मोनिका ने बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चा अद्वितीय होता है। उन्होंने बच्चों को जिज्ञासु बने रहने, प्रश्न पूछने और सपने देखना कभी न छोड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गलतियां सीखने की प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा हैं और बच्चों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते रहना चाहिए।

